उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज दिनांक 15 मई, 2026 को आयोग परिसर में रजत जयंती समारोह का आयोजन अत्यन्त हर्षोल्लास एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया।

डॉ रागिनी गुप्ता, संपादक {हरिद्वार}
15 मई, 2026

उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग की रजत जयंती समारोह सम्पन्न। 25 वर्ष पूर्ण होने पर आयोग ने मनाया रजत जयंती समारोह

पारदर्शी व समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया हेतु डिजिटल पहल तेज। “UKPSC MITRA” मोबाइल ऐप का शुभारम्भ

व्यक्त किए और अपने कार्यकाल के दौरान आयोग द्वारा हासिल की गयी अनेक उपलब्धियों का वर्णन करते हुए अपने अनुभव साझा किए। साथ ही आयोग की उत्कृष्ट एवं उत्तरदायी कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए भविष्य में तकनीकी नवाचारों को अपनाने एवं परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया।
रजत जयन्ती समारोह के इस अवसर को यादगार बनाने हेतु आयोग द्वारा “स्मारिका मेधा” के रजत जयन्ती विशेषांक का विमोचन किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं, विशेषकर सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं के अंदर शासकीय सेवा के प्रति जागरूकता और लोक सेवा के प्रति समर्पण की भावना पैदा करना है। साथ ही आयोग के “रजत जयन्ती लोगो”, जिसका डिजाइन आयोग के पूर्व अध्यक्ष मेजर जनरल आनन्द सिंह रावत द्वारा तैयार किया गया है, का अनावरण किया गया, जो आयोग के मूल सिद्धान्तों यथा- उत्कृष्टता, पारदर्शिता और निष्पक्षता का द्योतक है। इसी प्रकार अभ्यर्थियों के सुविधार्थ उन्हें परीक्षा संबंधी सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ त्वरित ढंग से उपलब्ध कराने हेतु आयोग द्वारा इस अवसर पर “UKPSC-MITRA” मोबाइल ऐप को लाँच किया गया, जोकि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार से संचालित किया जा सकता है तथा उक्त ऐप को Google Play Store से डाउनलोड किया जा सकता है।
इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि श्री कृश्न आर्य, पूर्व आई.ए.एस. द्वारा अपने सम्बोधन में आयोग के प्रारम्भिक काल में आई अनेक समस्याओं जैसे कार्यालय हेतु भवनों की कमी, मानव संसाधन की कमी, कार्मिकों हेतु आवास का अभाव तथा न्यून बजट की उपलब्धता आदि के बारे में अपने अनुभव साझा किए कि किस प्रकार तत्कालीन सरकारों के साथ समन्वय करके इन कमियों को पूरा करने का प्रयास किया गया, जिसके फलस्वरूर्ष 8 एकड़ में आवासीय परिसर का निर्माण, विभिन्न अनुभागों की स्थापना हेतु 7 भवनों का निर्माण तथा समूह ग एवं घ के कार्मिकों का चयन कर काफी हद तक मानव संसाधन की कमी को पूरा करने का प्रयास किया गया। इस तरह आयोग द्वारा इन 25 वर्षों के दौरान शून्य से शरुआत कर शिखर तक पहुंचने का सफर तय किया है।
समारोह के विशिष्ट अतिथि डॉ. सुधारानी पाण्डे, प्रथम महिला पूर्व सदस्य ने अपने सम्बोधन में अपने कार्यकाल के दौरान हुए अनुभावों को साझा किया तथा इस बात पर अत्यंत गर्व के साथ कहा कि आयोग द्वारा चयनित अनेक अभ्यर्थियों द्वारा राज्य के अनेक उच्चस्थ पदों पर उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है जिससे राज्य की प्रतिष्ठा के साथ उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग की गरिमा में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है। इससे यह स्पष्ट परिलक्षित होता है कि आयोग द्वारा राज्य के विकास में उत्कृष्टतापूर्वक मानव संसाधन का चयन करके अपने कर्तव्यों को पूर्ण निष्ठा के साथ पूरा किया जा रहा है।
रजत जयंती के इस अवसर पर समारोह में उपस्थित पूर्व मा. अध्यक्षों, सदस्यगणों को मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं आयोग के अध्यक्ष तथा सदस्यगण यथा- डॉ. गोदियाल, श्री अनिल कुमार राणा, श्रीमती नन्दी राजू श्रीवास्तव तथा सदस्य डॉ० ऋचा गौड द्वारा आयोग का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
समारोह के अंतिम चरण में आयोग के वरिष्ठ मा० सदस्य श्री अनिल कुमार राणा द्वारा कार्यक्रम में पधारे मा० अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया। साथ ही समारोह को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने में अपना योगदान देने वाले उन सभी अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर समारोह में पूर्व अध्यक्षों एवं पूर्व सदस्यगणों के साथ-साथ आयोग के वर्तमान मा० अध्यक्ष डॉ० रवि दत्त गोदियाल, मा० सदस्यगणों यथा-श्री अनिल कुमार राणा, श्रीमती नन्दी राजू श्रीवास्तव, सदस्य डॉ० ऋचा गौड़, सचिव श्री अशोक कुमार पाण्डेय, विधिक सलाहकार श्री बृजेन्द्र सिंह, आयोग के पूर्व सचिव श्री गिरधारी सिंह रावत एवं पूर्व परीक्षा नियंत्रक श्री अवधेश कुमार सिंह, उपसचिव डॉ० प्रशान्त, अनुसचिवगण, समस्त अनुभाग अधिकारी तथा अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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