डॉ रागिनी गुप्ता, संपादक {हरिद्वार}
25 मई, 2026
सन् 1971 में बांग्लादेश की आजादी के लिए हुए युद्ध में शहीद भारतीय वीर सैनिकों के परिजनों को सम्मानित करने के लिए भारतीय सेना बीएसएफ ने पूरे देश में मुहिम शुरू की है। उत्तराखंड के शहीद हुए वीर सैनिकों के परिवारों से सम्पर्क स्थापितकर उन्हें सम्मानित करने के लिए बीएसएफ की टीम सोमवार को उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार में पहुंची। 83 वाहिनी सीमा सुरक्षा बल के कमांडिंग ऑफिसर अरुण सिंह गंगवार के अधीनस्थ अधिकारी हरीश चंद्र ने बताया कि सीमा सुरक्षा बल अपनी स्थापना के 60 वर्ष पूर्ण होने पर हीरक जयंती मना रहा है, जिसमें अमर शहीदों की वीरांगनाओं को सम्मानित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व जुलाई 2025 में जिला चमोली के बंद बगड़ नन्दानगर के शहीद स्वर्गीय कल्याण सिंह की वीरांगना श्रीमती कुसुम देवी को बांग्लादेश सरकार की ओर से सम्मानित किया गया था। अब उन्हें बीएसएफ की ओर से सम्मानित किया जा रहा है। देश की पहली रक्षा पंक्ति सीमा सुरक्षा बल 83 वीं वाहिनी के कमांडिंग ऑफिसर ने बताया कि उत्तराखंड के टिहरी जनपद स्थित लम्बगांव और चमोली के बंद बगड़ नंदानगर में शहीद के परिजनों को सम्मानित करने के लिए अधीनस्थ अधिकारी हरीश चंद्र को विशेष रूप से उत्तराखंड भेजा गया है। उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार में आयोजित इस सम्मान कार्यक्रम में मुख्यातिथि विश्वविद्यालय के कुलसचिव दिनेश कुमार ने कहा कि यह हम सभी के लिए गौरव का विषय है कि हमें ऐसे वीर सैनिकों के परिजनों से मिलने का अवसर मिल रहा है, देश के लिए अपने कर्तव्यों के द्वारा जान की बाजी लगाकर वह जवान अमर हो गए जिन्हें हम आज याद कर रहे हैं। उत्तराखंड वीर योद्धाओं की भूमि रही है ,आज समूचा देश उन वीरों की शदाहत को याद करते हुए गर्व महसूस कर रहा है। कुलसचिव ने कहा कि बीएसएफ ने अपनी स्थापना के 60 वर्ष पूर्ण होने पर जो राष्ट्रभक्ति की मुहिम शुरू की है,वह हम सभी के लिए प्रेरणादायी है। बीएसएफ के अधिकारी हरीश चंद्र ने बताया कि चार धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की उमड़ रही भीड़ के कारण उन्हें गंतव्य पर पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कार्यक्रम में चमोली के बंद बगड़ निवासी शहीद स्वर्गीय कल्याण सिंह की वीरांगना श्रीमती कुसुम देवी को बीएसएफ के अधिकारी हरीश चन्द्र तथा विश्वविद्यालय के कुलसचिव दिनेश कुमार ने शॉल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन कुलपति के निजी सचिव मनोज गहतोड़ी ने किया। इस अवसर पर सहायक कुलसचिव सुनील कुमार, डॉ चंद्रशेखर शर्मा, किशोर गडकोटी, नवीन चन्द्र जोशी,चंदन रावत,त्रिभुवन गडिया,छात्र संघ महासचिव आशीष सेमवाल सहित विश्वविद्यालय से जुड़े हुए अनेक कर्मचारी, अधिकारी मौजूद रहे।

