श्री आनंद वन समाधि में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई वन बाबा महाराज की 312वीं पुण्यतिथि

डॉ रागिनी गुप्ता, संपादक {हरिद्वार}
26 जून, 2026

महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती बोले – त्याग, तपस्या और सेवा की जीवंत मिसाल थे वन बाबा

धर्मनगरी हरिद्वार स्थित प्रख्यात धार्मिक संस्था श्री आनंद वन समाधि में परमाध्यक्ष श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती महाराज के सानिध्य में ब्रह्मलीन वन बाबा महाराज की 312वीं (1714–2026) वार्षिक पुण्यतिथि ज्येष्ठ माह की द्वादशी तिथि पर अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और वैदिक विधि-विधान के साथ मनाई गई।
इस अवसर पर आश्रम में विशेष पूजन-अर्चन, हवन एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती महाराज ने श्रीगुरुदेव एवं वन बाबा महाराज का पूजन-अर्चन कर देश, समाज और समस्त मानवता के सुख, शांति एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। इसके उपरांत बड़ी संख्या में संत-महात्माओं को भोजन प्रसाद एवं दक्षिणा अर्पित कर उनका सम्मान किया गया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन वन बाबा महाराज महान तपस्वी, त्यागी और लोककल्याण के लिए समर्पित संत थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन गौ सेवा, गंगा संरक्षण, सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार तथा समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उनका तप, त्याग और सेवा भाव आज भी संत समाज एवं श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने कहा कि संतों का जीवन केवल आध्यात्मिक साधना तक सीमित नहीं होता, बल्कि वे समाज को सही दिशा देने, मानवता की सेवा करने और नैतिक मूल्यों की स्थापना का कार्य भी करते हैं। वन बाबा महाराज के आदर्शों को अपनाकर ही समाज में प्रेम, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का विस्तार किया जा सकता है।
पुण्यतिथि महोत्सव में पहुंचे संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं ने वन बाबा महाराज को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। पूरे आश्रम परिसर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।

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