मुख्यमंत्री ने “The Economic Times World Leaders Forum 2026” कार्यक्रम में किया प्रतिभाग।

डॉ रागिनी गुप्ता, संपादक {हरिद्वार}
22 अगस्त, 2026

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में आयोजित “The Economic Times World Leaders Forum 2026” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने उत्तराखण्ड के विकास मॉडल, समान नागरिक संहिता, सुशासन, रोजगार, निवेश, पर्यटन, सीमांत क्षेत्रों के विकास, नवाचार और बुनियादी ढांचे सहित राज्य की विकास यात्रा पर अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन कायम करते हुए देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता लागू कर राज्य ने देश के सामने सुशासन और समान अधिकारों का नया मॉडल प्रस्तुत किया है। समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद समाज में सकारात्मक वातावरण बना है और महिलाओं, बच्चों तथा बुजुर्गों के अधिकारों को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड से निकली समान नागरिक संहिता की गंगा अब देश के अन्य राज्यों को भी समानता और न्याय की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग की SDG रैंकिंग में उत्तराखण्ड ने शीर्ष स्थान हासिल किया है। पर्वतीय और पूर्वोत्तर राज्यों की श्रेणी में भी राज्य ने निवेश के लिए बेहतर नीतिगत वातावरण तैयार करने की दिशा में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। सरकार का उद्देश्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार करना है।
रोजगार के विषय पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के बाद लगभग दो दशकों में जहां करीब 16 हजार सरकारी नियुक्तियां हुई थीं, वहीं पिछले पांच वर्षों में ही 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी गई है। सरकार ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। पेपर लीक और नकल के मामलों में कठोर कार्रवाई की गई तथा नकल माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए करीब 100 लोगों को जेल भेजा गया। भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधारों के माध्यम से युवाओं के विश्वास को मजबूत किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में समानता और आधुनिकता को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य में मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उसके स्थान पर उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की व्यवस्था की गई है, जिसमें सभी वर्गों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। राज्य में मानकों के अनुरूप संचालित नहीं हो रहे 250 से अधिक मदरसों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। देवभूमि उत्तराखण्ड में शिक्षा के मंदिर मजबूत हों और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, यह सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ भी अभियान चलाया गया है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के माध्यम से सरकारी भूमि को सुरक्षित करने और सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद उत्तराखण्ड की औद्योगिक पहचान में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आयोजित इस समिट में 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। राज्य सरकार ने निवेश प्रस्तावों को केवल एमओयू तक सीमित न रखते हुए उन्हें धरातल पर उतारने के लिए नीतिगत और प्रशासनिक स्तर पर पहले से तैयारियां कीं। निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से राज्य में 30 से अधिक नई नीतियां बनाई गई हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग के रूप में सामने आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में सड़क, रेल और रोपवे कनेक्टिविटी को तेजी से मजबूत किया जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। लगभग 125 किलोमीटर लंबी यह रेल परियोजना आने वाले वर्षों में उत्तराखण्ड की कनेक्टिविटी को नई गति देगी। इससे चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी तथा पर्वतीय क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

के लिए मजबूत कानून-व्यवस्था और निर्बाध विद्युत आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का प्रयास है कि उत्तराखण्ड में निवेशकों को बेहतर वातावरण मिले और नए उद्योगों के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की विकास यात्रा का उद्देश्य केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसा समावेशी और सतत विकास मॉडल तैयार करना है जिसमें युवाओं को रोजगार, महिलाओं को आत्मनिर्भरता, सीमांत क्षेत्रों को नई पहचान, निवेशकों को बेहतर वातावरण और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और प्रदेश सरकार के निरंतर प्रयासों से उत्तराखण्ड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड केवल बुनियादी सुविधाओं और विकास परियोजनाओं के क्षेत्र में ही आगे नहीं बढ़ रहा, बल्कि कुंभ जैसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार आगामी जनवरी 2027 के हरिद्वार कुंभ के आयोजन के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को मजबूत कर रही है। मुख्यमंत्री ने देशवासियों और कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को आगामी जनवरी 2027 के कुंभ में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।

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