उत्तराखंड / नैनीताल :- हल्द्वानी सड़क हादसा: तीसरे दोस्त की भी मौत, तीन परिवारों के सपने उजड़े!

डॉ रागिनी गुप्ता, संपादक {हरिद्वार}
24 अक्टूबर, 2026

उत्तराखंड / नैनीताल : हल्द्वानी सड़क हादसा: तीसरे दोस्त की भी मौत, तीन परिवारों के सपने उजड़े।

इंजीनियर बनने का सपना देख रहे तीन किशोरों की दर्दनाक मौत, चौथी दोस्त अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है।

नैनीताल जिले के हल्द्वानी में तीनपानी फ्लाईओवर पर हुए भीषण सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। शुक्रवार को तेज रफ्तार कार के अनियंत्रित होकर पलटने और डिवाइडर से टकराने के बाद घायल तीसरे किशोर ने भी शनिवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में अब तक तीन दोस्तों की मौत हो चुकी है, जबकि कार में सवार चौथी किशोरी की हालत गंभीर बताई जा रही है।

मृतकों की पहचान उत्कर्ष धपोला (16), प्रांजय (17) और सिद्धांत पाठक (16) के रूप में हुई है। तीनों दोस्त एक साथ कोचिंग करते थे और जेईई (JEE) की परीक्षा पास कर इंजीनियर बनने का सपना देख रहे थे। लेकिन एक दर्दनाक हादसे ने उनके सपनों को हमेशा के लिए छीन लिया।

मां से कहकर निकला था, दोस्त से मिलकर आता हूं…
सिद्धांत पाठक शुक्रवार को अपनी मां पुष्पलता पाठक से दोस्त उत्कर्ष धपोला से मिलने की बात कहकर घर से निकला था। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह मुलाकात परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन जाएगी।

पिता ने बेटे के लिए खरीदी थी नई कार

उत्कर्ष के पिता शैलेंद्र ने हाल ही में नई कार खरीदी थी। परिवार करीब एक साल पहले बागेश्वर से हल्द्वानी के ऊंचापुल क्षेत्र में आकर बसा था। वहीं, प्रांजय के पिता भीमताल में प्रोफेसर हैं और उनका बड़ा भाई भारतीय वायुसेना में देश की सेवा कर रहा है।

कैसे हुआ हादसा ?

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार 23 अक्टूबर को दोपहर करीब 3:25 बजे फोर्ड फिगो कार तीनपानी फ्लाईओवर के पास अनियंत्रित होकर पलट गई और डिवाइडर से जा टकराई। कार गोलापुल की ओर से लालकुआं जा रही थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

इस हादसे में तीन किशोरों की जान चली गई। वहीं, चौथी दोस्त अस्पताल में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही है।

तीन घरों के चिराग बुझ गए, माता-पिता के सपने बिखर गए। जिन बच्चों के हाथों में भविष्य संवारने की उम्मीद थी, उनकी जिंदगी बीच रास्ते में ही थम गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवारों को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति दें।

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