अस्मिता फाउंडेशन की पहल – नवरात्रि के उपलक्ष्य में छात्राओं को सिखाए आत्मरक्षा के गुर, सुरक्षा और आत्मविश्वास का दिया संदेश।

डॉ रागिनी गुप्ता, संपादक {हरिद्वार}
16 अक्टूबर, 2026
अस्मिता फाउंडेशन की पहल: नवरात्रि के उपलक्ष्य में छात्राओं को सिखाए आत्मरक्षा के गुर, आत्मविश्वास और सुरक्षा का दिया संदेश
अध्यक्ष नीता नय्यर बोलीं—हर बेटी का आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनना जरूरी, सचिव मानसी मिश्रा ने जागरूकता को बताया समय की मांग

छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने, उनमें आत्मविश्वास विकसित करने और विपरीत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा करने के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से अस्मिता फाउंडेशन एवं एस.एम.जे.एन. (पी.जी.) कॉलेज, हरिद्वार के संयुक्त तत्वावधान में आत्मरक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में छात्राओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण देकर उन्हें अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण दक्षिण कोरिया में फर्स्ट रैंक ब्लैक बेल्ट प्राप्त प्रशिक्षक नैना चौहान रहीं, जिन्होंने छात्राओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक गुर सिखाए।


कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को केवल आत्मरक्षा की तकनीकों से परिचित कराना ही नहीं, बल्कि उनमें साहस, सतर्कता, मानसिक मजबूती और कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना भी रहा। प्रशिक्षक अमन राजपूत और नैना चौहान ने छात्राओं को समझाया कि आत्मरक्षा के लिए शारीरिक प्रशिक्षण के साथ मानसिक सजगता और आत्मविश्वास भी बेहद जरूरी हैं। उन्होंने छात्राओं को संभावित खतरों को पहचानने, असहज परिस्थितियों में सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर प्रभावी ढंग से अपनी सुरक्षा करने के तरीके बताए।

अस्मिता फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती नीता नय्यर ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सशक्तीकरण एक स्वस्थ एवं प्रगतिशील समाज की बुनियाद हैं। प्रत्येक छात्रा के भीतर यह विश्वास होना चाहिए कि वह विपरीत परिस्थितियों का साहस के साथ सामना कर सकती है। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण छात्राओं को शारीरिक रूप से सक्षम बनाने के साथ मानसिक रूप से भी मजबूत करता है।
उन्होंने कहा कि अस्मिता फाउंडेशन महिलाओं और बालिकाओं में जागरूकता, आत्मविश्वास तथा आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस प्रकार की कार्यशालाओं के माध्यम से छात्राओं को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना संस्था की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसा वातावरण बनाना जरूरी है, जहां बेटियां बिना भय के शिक्षा प्राप्त कर सकें और अपने सपनों को साकार कर सकें।

अस्मिता फाउंडेशन की संस्थापक एवं सचिव श्रीमती मानसी मिश्रा ने कहा कि आज के समय में छात्राओं के लिए आत्मविश्वास और सुरक्षा के प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। आत्मरक्षा का प्रशिक्षण उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने, जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में सतर्क रहने और समय पर उचित निर्णय लेने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियां कभी बताकर नहीं आतीं, इसलिए प्रत्येक छात्रा को आत्मरक्षा के बुनियादी तरीकों की जानकारी होनी चाहिए। आज नवरात्रि के अवसर पर उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें ‘देवी बने दयनीय नहीं’ और किसी भी असहज स्थिति में परिवार, शिक्षकों अथवा संबंधित सहायता तंत्र से मदद लेने में संकोच न करें। उन्होंने कहा कि अस्मिता फाउंडेशन भविष्य में भी छात्राओं के सशक्तीकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर रहेगा।

एस.एम.जे.एन. (पी.जी.) कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बनाना भी है। छात्राओं की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सशक्तीकरण के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण एक महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं छात्राओं में साहस, आत्मविश्वास और जागरूकता विकसित करती हैं। अस्मिता फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम छात्राओं को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग बनाने और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का सार्थक प्रयास है। उन्होंने कहा कि छात्राओं को अपने अधिकारों, उपलब्ध सहायता प्रणालियों और सुरक्षा के उपायों की जानकारी रखना आवश्यक है।
नैना चौहान ने सिखाए आत्मरक्षा के व्यावहारिक गुर
कार्यशाला में प्रशिक्षक नैना चौहान, फर्स्ट रैंक ब्लैक बेल्ट (दक्षिण कोरिया) ने छात्राओं को आत्मरक्षा की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि आत्मरक्षा के लिए सही समय पर सही कदम उठाना, परिस्थितियों को समझना और मानसिक रूप से तैयार रहना जरूरी है। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ अपनी सुरक्षा करने के लिए प्रेरित किया गया। प्रशिक्षक अमन राजपूत ने भी आत्मरक्षा के महत्व और व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति सजग रहने की आवश्यकता पर जानकारी दी।
कार्यक्रम में अस्मिता फाउंडेशन की ओर से अध्यक्ष श्रीमती नीता नय्यर, सचिव श्रीमती मानसी मिश्रा, श्रीमती विमलेश गौड़, श्रीमती आरती मेहता, श्रीमती नीरू कौशिक, श्री गौरव काकरान और श्रीमती सुमन अस्थाना सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यशाला के माध्यम से छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि आत्मरक्षा केवल एक कौशल नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, सतर्कता और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अस्मिता फाउंडेशन की यह पहल बालिकाओं को सशक्त बनाने और समाज में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में सराहनीय प्रयास रहा।

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