डॉ रागिनी गुप्ता, संपादक {हरिद्वार}
15 मई, 2026
यात्रा का सीजन और सड़कों पर जाम। अधिकारी मस्त जनता परेशान।
जिला अस्पताल से यदि कोई एंबुलेंस निकलती है या आती है, तो समय पर हॉस्पिटल नहीं पहुंच पाएगी रास्ते में ही मरीज को दम तोड़ना पड़ सकता है, ऐसी व्यवस्थाएं ट्रैफिक की हो रही है हरिद्वार में। एक और तो सड़कों पर कुंभ का कार्य चल रहा है खुदाई चल रही है, जिससे सड़क अवरुद्ध हो रही है उसके बावजूद ई-रिक्शा और टेंपो वालों का आतंक चारों ओर जाम की स्थिति बनी हुई है, कोई भी अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है, जिस मरीज की स्थिति खराब होती है उसके परिवार वालों को ही पता होता है, कि एक पल कैसा होता है। शायद हमारा शासन प्रशासन नहीं जानता जिला महिला हॉस्पिटल के लिए महिला आती है यदि कोई इमरजेंसी है और एंबुलेंस निकालने पड़े तो कम से कम 2 घंटे से पहले नहीं निकलती। जच्चा बच्चा या मरिज की स्थिति क्या होगी वह ईश्वर जाने। ई रिक्शा वालों से बात कर पता लगा कि हम तो ₹200 देते हैं। यह पता नहीं किस को देते हैं, इसलिए जीरो जोन में रिक्शा खुले आम चलाते हैं। उन्हें किसी का खौफ नहीं बाल्मीकि चौक से लेकर कोतवाली तक जाम की स्थिति बनी रहती है। पुलिस कर्मी बड़ी ईमानदारी से ड्यूटी कहते हैं, परंतु ट्रैफिक ज्यादा बढ़ने के कारण वह भी व्यवस्थाएं संभाल नहीं पाते। आने वाला समय कुंभ का भी है, कैसे कुंभ की व्यवस्था संभाल पाएगा जिला प्रशासन विषय है- मेरा निवेदन जिलाधिकारी हरिद्वार जिलाधिकारी से है कि इसको गंभीरता से लेकर इसका समाधान करें, ताकि जिला अस्पताल तक मरिज सुरक्षित पहुंच सके।

