डॉ रागिनी गुप्ता, संपादक {हरिद्वार}
17 मई, 2026
आज दिनांक 17 में 2026 को कांग्रेस भवन में प्रेस वार्ता करते हुए उत्तराखंड सरकार के पूर्व श्रम मंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष तथा चुनाव प्रबंधन समिति कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ हरक सिंह रावत जी ने भाजपा की सरकार द्वारा उत्तराखंड के श्रमिक और मजदूरों को दिए जाने वाला न्यूनतम वेतन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह आज महंगाई के दौर मैं न्यूनतम वेतन बहुत कम है और भाजपा की सरकार में मजदूरों का शोषण हो रहा है। उन्होंने राज्यपाल से मांग करते हुए कहा की अकुशलकर्मचारी को न्यूनतम वेतन मैं 20000 अर्ध कुशल वेतन 23 हजार कुशल वेतन 25000 और अति कुशल वेतन 30000 रुपए कर्मचारियों को मिलनॆ चाहिए और उत्तराखंड सिडकुल में मजदूरों का शोषण बंद होना चाहिए। भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तराखंड सिडकुल की स्थापना कांग्रेस सरकार में हुई है। राज्य में जो कांग्रेस की सरकार थी, तब कर्मचारी एवं मजदूरों का फैक्ट्री प्रबंधकों का बहुत अच्छा आपस में तालमेल था। उन्होंने मजदूर कर्मचारियों से भी मांग की है कि वह अपनी मांगों को लेकर टेबल पर बैठकर फैक्ट्री प्रबंधन से वार्ता करें और फिर समाधान का रास्ता निकाले, इससे उद्योग क्षेत्र में शांति बनी रहेगी। जितना जरूरी श्रमिकों के लिए अधिकार की बात है, होनी चाहिए उतना उद्योग भी उत्तराखंड में सुरक्षित रहना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक का मजदूरों के अधिकारों के लिए संघर्ष करना एक सराहनीय कार्य है। उन्होंने राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक उत्तराखंड एवं पूरे देश में मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य करता है। उन्होंने कहा कि सिडकुल की फैक्ट्री में महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता है। सिडकुल की फैक्ट्री में समान वेतन समान कार्य महिलाएं कर्मचारियों को वेतन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार में उद्योग लगे हैं, मगर आज भाजपा की सरकार में उद्योग बंद हो रहे हैं। यह उत्तराखंड में चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जब 2027 में कांग्रेस की सरकार बनेगी तब पूरे उत्तराखंड में उद्योग कब बनाया जाएगा और राज्य के हर जिले में उद्योग स्थापित करने का काम कांग्रेस की सरकार करेगी।
प्रेस वार्ता में राकेश कुमार राजपूत एडवोकेट अध्यक्ष गढ़वाल मंडल इंटक, राजीव देशवाल महामंत्री इंटक, अशोक चौहान उपाध्यक्ष इंटक, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, विजय चौहान एवं अन्य श्रमिक संगठन के लोग प्रेस वार्ता में मौजूद थे।

