डॉ रागिनी गुप्ता, संपादक {हरिद्वार}
17 मई, 2026
महाराष्ट्र सरकार की केबिनेट मंत्री पंकजा गोपीनाथ मुंडे का विश्व विख्यात परमार्थ निकेतन में आगमन हुआ।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी एवं डॉ. साध्वी भगवती सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में माँ गंगा जी की दिव्य गंगा आरती में सहभाग कर उन्होंने अध्यात्म, सेवा और संस्कृति के अद्भुत संगम का अनुभव किया। इस अवसर पर आगामी नासिक महाकुम्भ को लेकर विशेष चर्चा हुई।
मुम्बई की ऐतिहासिक बाणगंगा एवं मीठी नदी को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाये रखने हेतु किये जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए पूज्य स्वामी जी ने कहा- “नदियाँ केवल जलधाराएँ नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, चेतना और सभ्यता की जीवनरेखाएँ हैं। स्वच्छ नदियाँ ही स्वस्थ समाज और जागृत राष्ट्र की आधारशिला हैं।”
पंकजा मुंडे जी ने परमार्थ निकेतन द्वारा संचालित जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण, स्वच्छता एवं प्लास्टिक मुक्त अभियानों की जानकारी प्राप्त की तथा इन प्रकल्पों पर आधारित प्रेरणादायक शॉर्ट फिल्म का अवलोकन किया।
पूज्य स्वामी जी ने कहा कि भारत केवल एक भूभाग नहीं, बल्कि चेतना का प्रवाह है। आज जब विश्व पर्यावरण संकट और मानसिक अशांति से जूझ रहा है, तब भारत की सनातन जीवनशैली ही विश्व को संतुलन और समाधान दे सकती है।
डॉ. साध्वी भगवती सरस्वती जी पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि भारत का अध्यात्म मानव को स्वयं से, समाज से और प्रकृति से पुनः जोड़ने की शक्ति रखता है।
पूज्य स्वामी जी ने पंकजा मुंडे जी एवं विधायक श्वेता महाले जी को रूद्राक्ष का पावन पौधा एवं परमार्थ निकेतन का सद्साहित्य भेंट कर अभिनन्दन किया।

