हरीश रावत ने बताई अपनी अंतिम इच्छा, बोले-अंतिम यात्रा हरिद्वार के प्रतिनिधि के तौर पर निकले।

डॉ रागिनी गुप्ता, संपादक {हरिद्वार}
25 सितंबर, 2026

कभी चुनाव न लड़ने की घोषणा तो कभी कॉंग्रेस पार्टी के सभी दायित्वों से त्यागपत्र देने की इच्छा जताने वाले और हमेशा स्वयं को राजनीतिक चर्चाओं में बनाए रखने के माहिर उत्तराखंड (Uttarakhand) के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने अब आगामी विधानसभा चुनाव में हरिद्वार जिले की किसी सीट से चुनाव लड़ने की अपनी इच्छा जताई है।

शुक्रवार को हरकी पैड़ी पर गंगा पूजन के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने का निर्णय उस समय की परिस्थितियों, समय, स्वास्थ्य और उम्र को देखते हुए लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी अंतिम इच्छा है कि जीवन के अंतिम समय में उनकी अंतिम यात्रा हरिद्वार के प्रतिनिधि के तौर पर निकले।

रावत ने कहा कि हरिद्वार से चुनाव लड़ने की इच्छा उनके मन में जरूर है, लेकिन अभी इसे अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता। एक दिन पहले सोशल मीडिया पर उन्होंने हरिद्वार के साथ अपने जुड़ाव का उल्लेख करते हुए आगामी विधानसभा चुनाव में हरिद्वार की किसी सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी।

गंगा पूजन के बाद कही अपनी बात
हरिद्वार पहुंचकर रावत ने हरकी पैड़ी पर मां गंगा का पूजन किया और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने अपनी राजनीतिक इच्छा के साथ व्यक्तिगत आकांक्षा भी साझा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से हाल में की गई सार्वजनिक सराहना और उनकी दीर्घायु की कामना के संबंध में पूछे जाने पर रावत ने इसे मुख्यमंत्री का शिष्टाचार, सौम्यता और बड़प्पन बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद एक-दूसरे के प्रति सम्मान और शिष्टाचार बनाए रखना लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा है।

चुनाव आयोग को लेकर भी बोले रावत

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर पूछे गए सवाल पर रावत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा पिछले कुछ वर्षों से उठाए जा रहे सवालों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हाल में दो चुनाव आयुक्तों के बयानों और रुख से उन्हें राहुल गांधी की पूर्व में व्यक्त चिंताओं की पुष्टि होती दिखाई दी।

रावत ने चुनाव कराने वाली संस्थाओं की निष्पक्षता और साख पर सवाल उठने को लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय बताया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके विरुद्ध महाभियोग की मांग भी की। यह मांग कांग्रेस के देशव्यापी विरोध कार्यक्रम के बीच सामने आई है। 25 सितंबर को देहरादून में कांग्रेस के सचिवालय घेराव कार्यक्रम में भी रावत शामिल हुए।

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