“कांवड़ मेले की जांच का बड़ा असर: आनंदा डेयरी पर 3 लाख का जुर्माना, चारधाम यात्रा में खाद्य सुरक्षा विभाग की सख्त कार्रवाई”

डॉ रागिनी गुप्ता, संपादक {हरिद्वार}
01 जून, 2026

चारधाम यात्रा और आगामी धार्मिक आयोजनों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त रुख अपनाया हुआ है।

इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के एक पुराने मामले में ज्वालापुर स्थित आनंदा डेयरी पर 3 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है।

विभाग की इस कार्रवाई को खाद्य कारोबारियों के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है कि खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गत वर्ष कांवड़ मेले के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा रामनगर, ज्वालापुर स्थित आनंदा डेयरी का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान संचालक आवश्यक लाइसेंस एवं पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका।

इसके अलावा प्रतिष्ठान में कुछ कालातीत (एक्सपायरी) खाद्य सामग्री भी पाई गई थी, जो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकती थी।

“निरीक्षण के दौरान लाइसेंस/पंजीकरण प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराया गया तथा एक्सपायरी खाद्य सामग्री भी पाई गई।”
मामले को गंभीर मानते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी, नगर निगम हरिद्वार द्वारा न्याय निर्णायक अधिकारी/अपर जिला अधिकारी (वित्त एवं राजस्व) हरिद्वार के न्यायालय में वाद दायर किया गया।

सुनवाई के बाद न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और विभागीय रिपोर्ट के आधार पर आनंदा डेयरी पर 3 लाख रुपये का आर्थिक दंड अधिरोपित करने का आदेश दिया।
यह कार्रवाई केवल एक प्रतिष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के अनुपालन में चारधाम यात्रा 2026 के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग लगातार बाजारों, ढाबों, होटलों और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रहा है।

“यात्रियों और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।”
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी पवन कुमार के नेतृत्व में सोमवार को हरिद्वार बस अड्डा और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया।

इस दौरान कुल 8 अस्थायी एवं स्थायी खाद्य प्रतिष्ठानों, रेस्टोरेंट और ढाबों की जांच की गई।

निरीक्षण के दौरान विभागीय टीम ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था, खाद्य पदार्थों के भंडारण, कर्मचारियों की साफ-सफाई तथा खाद्य लाइसेंस की स्थिति का गहन परीक्षण किया।

जांच के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में कमियां पाई गईं, जिन पर तत्काल सुधारात्मक निर्देश जारी किए गए।

तीन खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत साफ-सफाई बनाए रखने, ढक्कनयुक्त कूड़ेदान रखने, खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तरीके से संग्रहित करने तथा यात्रियों को ताजा भोजन परोसने के निर्देश दिए गए।

विभाग ने स्पष्ट किया कि भविष्य में इन निर्देशों का पालन न करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

“खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और गुणवत्ता के मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”
इसके अतिरिक्त दो खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध एफएसएसएआई (FSSAI) लाइसेंस उपलब्ध न होने तथा खाद्य सुरक्षा मानकों की अवहेलना करने पर चालानी कार्रवाई भी की गई। विभागीय अधिकारियों ने संबंधित संचालकों को नियमानुसार लाइसेंस प्राप्त करने और निर्धारित मानकों का पालन करने के निर्देश दिए।

चारधाम यात्रा के दौरान हरिद्वार में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। विभाग का मानना है कि किसी भी प्रकार की खाद्य लापरवाही न केवल श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है, बल्कि जिले की छवि को भी नुकसान पहुंचा सकती है। इसी कारण बस अड्डों, रेलवे स्टेशन, प्रमुख बाजारों, ढाबों और अस्थायी खाद्य स्टालों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

✍️ “चारधाम यात्रा 2026 के दृष्टिगत जनपद में निरीक्षण एवं प्रवर्तन की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।”

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने कहा कि आम जनता और यात्रियों से प्राप्त शिकायतों का भी त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। यदि किसी व्यक्ति को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता या अन्य किसी प्रकार की अनियमितता दिखाई देती है तो वह विभाग को शिकायत दर्ज करा सकता है, जिस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से जिले के खाद्य कारोबारियों में सतर्कता बढ़ी है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा।

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