डॉ रागिनी गुप्ता, संपादक {हरिद्वार}
27 जुलाई, 2026
“मैं सुधीर गिरी और मोहन दास नहीं हूं…”
सोशल मीडिया पर नवीन शर्मा की ओर से की गई एक विवादित पोस्ट और बाद में उसे हटाए जाने का मामला अब संत समाज के बीच लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पोस्ट को लेकर विभिन्न अखाड़ों के संतों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। इस विवाद ने अब आरोप-प्रत्यारोप का रूप ले लिया है। इसी क्रम में श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी के सचिव श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने उदासीन अखाड़े के श्रीमहंत दुर्गादास महाराज, श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी सहित अन्य संतों द्वारा प्रयागराज में आयोजित प्रेसवार्ता को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने कहा, “मेरी हत्या का प्रयास किया जा रहा है। मैं सुधीर गिरी नहीं हूं कि मैं मर जाऊंगा और आप बच जाएंगे। मैं मोहन दास भी नहीं हूं। यदि मैं मरूंगा तो कई लोग इसमें फंस जाएंगे।”
{विवादित पोस्ट को बताया साजिश का हिस्सा}
रविंद्र पुरी महाराज ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर की गई विवादित पोस्ट को महज एक सामान्य घटना के रूप में नहीं देखा जा सकता। उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा बताया। उनका कहना था कि जिस समय प्रयागराज में श्रीमहंत दुर्गादास, यमुना पुरी, जगतार मुनि और अन्य संत प्रेसवार्ता कर रहे थे, उसी दौरान यह पोस्ट सोशल मीडिया पर डाली गई। उन्होंने कहा कि घटनाक्रम के समय और परिस्थितियों को देखते हुए पूरे मामले में कुछ लोगों की सुनियोजित भूमिका होने का संदेह है। हालांकि, इन आरोपों को लेकर दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
{अखाड़ों के बीच बढ़ रहा तनाव}
रविंद्र पुरी के इस बयान के बाद संत समाज के बीच चल रहा विवाद और अधिक गंभीर होता नजर आ रहा है। लगातार हो रही बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप से विभिन्न अखाड़ों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। संत समाज से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि विवाद का जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो इसका असर भविष्य में हरिद्वार, नासिक और उज्जैन जैसे प्रमुख कुंभ एवं अर्धकुंभ आयोजनों की व्यवस्थाओं और अखाड़ों के बीच आपसी समन्वय पर भी पड़ सकता है।

