माता चंडी देवी मंदिर के युवा महंत भवानी नंदन गिरी की अच्छी सोच के कारण आज श्रद्धालु प्रसन्न होकर जाते हैं।

डॉ रागिनी गुप्ता, संपादक {हरिद्वार}
16 मई, 2026

चंडी माता मंदिर का इतिहास

चंडी देवी मंदिर भारत के उत्तराखंड राज्य के पवित्र शहर हरिद्वार में चंडी देवी को समर्पित एक हिंदू मंदिर है। यह मंदिर हिमालय की सबसे दक्षिणी पर्वत श्रृंखला शिवालिक पहाड़ियों के पूर्वी शिखर पर नील पर्वत के ऊपर स्थित है। चंडी देवी मंदिर का निर्माण 1929 में सुचात सिंह ने कश्मीर के राजा के रूप में अपने शासनकाल में किया था। हालांकि, मंदिर में चंडी देवी की मुख्य मूर्ति को 8वीं शताब्दी में हिंदू धर्म के सबसे महान पुजारियों में से एक आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित किया गया था। मंदिर को नील पर्वत तीर्थ के रूप में भी जाना जाता है और यह हरिद्वार में स्थित पंच तीर्थ (पांच तीर्थ) में से एक है।
यहां पर आकर श्रद्धालु जो भी इच्छा होती है चंडी माता उनकी मनोकामना पूर्ण होती है। पिछले 1 वर्ष से युवा महंत के नेतृत्व में मां चंडी देवी जी की अच्छी व्यवस्थाएं दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। यहां पर आने वाले श्रद्धालुओ को बहुत अच्छा माहौल और व्यवस्था को देखकर दर्शन कर अच्छा महसूस कर रहे हैं। यह व्यवस्था पिछले एक वर्ष से युवा महंत भवानी नंदन गिरी जी के हाथ में चल रही है। जिसकी दिन रात मेहनत कर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कोई कसर नहीं छोड़ते, ताकि उन्हें कोई समस्या का सामना करना पड़े। युवा सोच के साथ महंत भवानी नंदन गिरी जी की प्रोफेशनल सोच के साथ आध्यात्मिक सोच के मिश्रण से आज माता चंडी देवी पर आने वाले श्रद्धालु अच्छा महसूस करते हैं! उनके द्वारा लगातार भोजन प्रसाद की व्यवस्थाएं निशुल्क श्रद्धालुओं को अर्पण की जा रही है। यह कदम उनकी अच्छी सोच को दर्शाता है और साथ में लगभग चार-पांच महीने से बीकेडी के साथ मिलकर मंदिर की व्यवस्थाओं को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं। महंत भवानी नंदन गिरी उनकी सौम्यता ही भक्तों के मां को भाग जाती है और माता चंडी देवी के दर्शन कर भक्त गुणगान करते हुए माता के दरबार से जाते हैं।

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