डॉ रागिनी गुप्ता, संपादक {हरिद्वार}
17 अक्टूबर, 2026
बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता ही सशक्त समाज की नींव है। इसी संदेश के साथ मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के स्नातकोत्तर गृह विज्ञान विभाग की ओर से अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘नवदुर्गा से नवशक्ति तक—हर बेटी में शक्ति, हर शक्ति में संभावना’ थीम पर आयोजित कार्यक्रम में बालिकाओं को अधिकारों के साथ अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्राचीन इतिहास विभाग की डॉ. अलका मिश्रा ने कहा कि भारतीय इतिहास में विदुषी महिलाओं का योगदान गौरवशाली रहा है। बालिकाओं को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ सुरक्षा, डिजिटल ज्ञान तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।
नौ शक्ति-रूपों से दिया सशक्तीकरण का संदेश
कार्यक्रम में छात्राओं ने नौ प्रतीकात्मक शक्ति-रूपों के माध्यम से ज्ञान, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व का संदेश दिया। विभिन्न स्टॉलों पर पौष्टिक व्यंजनों, मोटे अनाज, मासिक धर्म स्वास्थ्य, हस्तशिल्प और महिला उद्यमिता से जुड़ी प्रदर्शनियां लगाई गईं। इनके माध्यम से बालिकाओं के समग्र विकास और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया गया।
अधिकारों से अवसर और आत्मनिर्भरता तक की चर्चा
इस अवसर पर ‘आज की बेटी : अधिकारों से अवसरों तक, अवसरों से आत्मनिर्भरता तक’ विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। इसमें बालिकाओं को उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने, अपनी क्षमताओं को पहचानने और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रमाण-पत्र एवं सम्मान प्रदान किए गए। कार्यक्रम का आयोजन विभाग की प्रभारी डॉ. दीपशिखा पाण्डेय के मार्गदर्शन में हुआ। इसमें डॉ. सुषमा कुमारी, डॉ. रीना कुमारी, शोधार्थियों और छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम ने बेटियों को सशक्त बनाने और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ाने का संदेश दिया।

