डॉ रागिनी गुप्ता, संपादक {हरिद्वार}
10 जून, 2026
चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और यात्रियों के आर्थिक शोषण पर रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी Mayur Dixit के निर्देश पर परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। एआरटीओ (प्रशासन) Nikhil Sharma ने स्वयं सामान्य यात्री बनकर ई-रिक्शाओं की औचक जांच की, जिसमें ओवरचार्जिंग और ओवरलोडिंग के तीन मामले पकड़े गए। तीनों ई-रिक्शाओं को तत्काल सीज कर दिया गया।
जांच के दौरान एआरटीओ ने ऋषिकुल से शिवमूर्ति चौक तक ई-रिक्शा में यात्रा की। जहां सामान्य किराया लगभग ₹20 होना चाहिए था, वहां चालक ने ₹50 वसूल लिए। यात्रियों से अधिक किराया वसूलने पर संबंधित ई-रिक्शा को मौके पर ही सीज कर दिया गया।
इसके बाद शिवमूर्ति चौक से भगत सिंह चौक तक की यात्रा में एक अन्य ई-रिक्शा चालक ने करीब ₹30 के स्थान पर ₹150 किराया मांगा। चारधाम यात्रियों के आर्थिक शोषण के इस मामले में भी विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए वाहन को सीज कर दिया।
तीसरे मामले में भगत सिंह चौक से शिवालिक नगर तक यात्रा के दौरान चालक द्वारा निर्धारित किराए से अधिक राशि वसूलने के साथ-साथ वाहन में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर ओवरलोडिंग भी की जा रही थी। यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ मानते हुए इस ई-रिक्शा को भी सीज कर दिया गया।
एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा ने बताया कि शासन के मानकों के अनुसार ई-रिक्शा द्वारा सभी सवारियों से मिलाकर अधिकतम ₹12 प्रति किलोमीटर की दर से किराया लिया जा सकता है। इसके बावजूद कुछ चालक यात्रियों से कई गुना अधिक किराया वसूल रहे हैं, जो नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी वाहन चालक द्वारा मनमाना किराया वसूलना, ओवरलोडिंग करना या अन्य अनियमितताएं करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग द्वारा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में नियमित औचक निरीक्षण और गुप्त जांच अभियान चलाने के लिए अधिकारियों का रोस्टर भी तैयार किया जा रहा है। विभाग ने आमजन और चारधाम यात्रियों से अपील की है कि यदि कोई ई-रिक्शा चालक निर्धारित किराए से अधिक धनराशि वसूलता है या ओवरलोडिंग करता है तो इसकी सूचना तत्काल परिवहन विभाग को दें।
आज की कार्रवाई के बाद ई-रिक्शा संचालकों में हड़कंप का माहौल देखने को मिला। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों के आर्थिक शोषण और सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों में आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

