शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर दो बटुकों से यौन शोषण का केस दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने यू-टर्न ले लिया है।

डॉ रागिनी गुप्ता, संपादक {हरिद्वार}
10 जून, 2026

उन्होंने मंगलवार को एक वीडियो जारी कर कहा कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी रामचंद्र दास ने दबाव डालकर अविमुक्तेश्वरानंद पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराया था। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर दो बटुकों से यौन शोषण का केस दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने यू-टर्न ले लिया है।

उन्होंने मंगलवार को एक वीडियो जारी कर कहा कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी रामचंद्र दास ने दबाव डालकर अविमुक्तेश्वरानंद पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराया था। इस साजिश में कई अफसर भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा- मुझे गुमराह किया गया था। इन्होंने किस तरह हमें बर्बाद किया और क्यों हमारे ऊपर इतना बड़ा कांड मुझसे कराया, इसका मैं जल्द खुलासा करूंगा। सारे एविडेंस मेरे पास उपलब्ध हैं। इनकी वॉट्सऐप चैट भी मेरे पास है। अगर मेरे गुरु जगद्गुरु रामभद्राचार्य की हत्या होती है, तो इसके लिए रामचंद्र दास ही जिम्मेदार होंगे।

आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि रामचंद्र दास कुकर्मी, ढोंगी और फ्रॉडी है। वह हमारा ही गुरु भाई है। यह मेरा दुर्भाग्य है कि मैं उससे इस प्रकार जुड़ गया। मैं जगद्गुरु रामभद्राचार्य का सम्मान करता हूं और आजीवन करता रहूंगा, लेकिन गुरु की हत्या कराने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब मथुरा एसएसपी को एक शिकायती पत्र भेजा है। रामचंद्र ने फर्जी वसीयत बनाकर श्री देव बाबा जी आश्रम पर कब्जा किया। मामला कोर्ट में जाएगा और अगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो वह कोर्ट जाएंगे। सत्य की लड़ाई लड़ूंगा, चाहे कोई भी हो। जैसे मैंने अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ लड़ाई लड़ी, उसी तरह रामचंद्र दास के खिलाफ भी कोर्ट में लड़ूंगा।

सोमवार को ही रामभद्राचार्य ने आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज के बयान पर पलटवार किया था। कहा था- आशुतोष ब्रह्मचारी मेरी और मेरे उत्तराधिकारी की छवि खराब करना चाहता है। वह साजिश रच रहा है। मुझे उसका आपराधिक इतिहास जानकर डर लगने लगा है, मैं कांप रहा हूं।

आशुतोष के शिष्य होने के दावे पर उन्होंने कहा कि मैं अनेक स्थानों पर कथा करने जाता हूं, संभव है कि कहीं आकर आशुतोष ने दीक्षा ले ली हो। मुझे यह पता नहीं था कि उसका मन ऐसा होगा। एक शिष्य द्वारा गुरु की हत्या की आशंका जताना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्हें, उनके पीठ को और उनके उत्तराधिकारी को खतरा बताया जा रहा है, जो गंभीर विषय है। मैं प्रशासन से भी जांच कराने को कहूंगा, जो संवैधानिक रूप से उचित होगा, वही किया जाए।

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