डॉ रागिनी गुप्ता, संपादक {हरिद्वार}
09 अगस्त, 2026
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने महामंडलेश्वर पद को लेकर वायरल वीडियो को बताया फर्जी।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत डॉ. रवींद्र पुरी महाराज ने अखाड़ों पर लगे आरोपों का कड़ा खंडन किया है।
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें महामंडलेश्वर पद की उपाधि देने के बदले पैसों का लेन-देन होने का दावा किया जा रहा था।
अखाड़ा परिषद अध्यक्ष का बयान –
वीडियो फर्जी और भ्रामक – रवींद्र पुरी महाराज ने वायरल वीडियो को पूरी तरह से फर्जी और कूट रचित बताया।
सनातन परंपरा और मर्यादा – उन्होंने स्पष्ट किया कि महामंडलेश्वर जैसी उच्च धार्मिक उपाधियां किसी व्यक्ति को उसकी साधना, सनातन धर्म के प्रति समर्पण और योग्यता के आधार पर दी जाती हैं, न कि किसी आर्थिक लेन-देन के बल पर।
षड्यंत्र का आरोप – उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व और षड्यंत्रकारी अखाड़ों और सनातन धर्म की छवि धूमिल करने के लिए ऐसे एडिटेड वीडियो फैला रहे हैं।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
अध्यक्ष ने कहा कि धार्मिक संस्थाओं की साख से खिलवाड़ करने वाले तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं से अपील –
रवींद्र पुरी महाराज ने संत समाज और श्रद्धालुओं से अपील की कि सोशल मीडिया पर चल रही इस तरह की भ्रामक खबरों और असत्य वीडियो पर ध्यान न दें।

