पुरुषोत्तम मास के शुभारंभ के साथ हरिद्वार में शुरू हुआ श्रीमद् भागवत कथाओं का दौर।

डॉ रागिनी गुप्ता, संपादक {हरिद्वार}
17 मई, 2026

पुरुषोत्तम मास के शुभारंभ के साथ ही धर्मनगरी हरिद्वार और कनखल में एक माह तक चलने वाले धार्मिक आयोजनों का दौर शुरू हो गया है। विभिन्न आश्रमों, मंदिरों, धर्मशालाओं और मठों में श्रीमद् भागवत कथा, भजन-कीर्तन और गंगा स्नान के विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। धार्मिक मान्यता है कि पुरुषोत्तम मास में हरिद्वार में गंगा स्नान और श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने से कई गुना अधिक पुण्य फल की प्राप्ति होती है तथा मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।
इसी क्रम में कनखल स्थित श्री यंत्र मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा प्रारंभ होने से पूर्व 108 महिलाओं ने पारंपरिक कुमाऊँनी वेशभूषा में भव्य कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा श्री यंत्र मंदिर से शुरू होकर गंगा घाट पहुंची, जहां महिलाओं ने गंगाजल भरकर कथा स्थल पर 108 कलशों की स्थापना की। इस दौरान गणेश पूजन, नवग्रह पूजन और पितृ पूजन भी संपन्न कराया गया।
श्रीमद् भागवत कथा का वाचन युवा एवं सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य पंडित नीरज जोशी द्वारा किया जा रहा है। कथा के मुख्य यजमान हेमचंद्र जोशी, प्रकाश चंद जोशी, रमेश चंद जोशी एवं जोशी परिवार हैं। आयोजन में उमा जोशी, मालती जोशी, गुंजन जोशी, हर्षित जोशी, भावेश पंत, कमल पंत, पीयूष तिवारी, विशाल शर्मा और योगेश पांडे सहित अनेक श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा।
इस अवसर पर महंत ललितानंद गिरी ने बताया कि पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इस दौरान पूजा-पाठ, दान-पुण्य, श्रीमद् भागवत कथा श्रवण एवं गंगा स्नान का विशेष महत्व माना गया है। उन्होंने कहा कि कथा आयोजन आज से शुरू होकर 23 तारीख तक चलेगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
महंत ललितानंद गिरी ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार जब अतिरिक्त मास आता है तो उसे पुरुषोत्तम मास कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार पहले इस मास को मलमास कहा जाता था, लेकिन भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम देकर पुरुषोत्तम मास का दर्जा प्रदान किया। तभी से यह मास अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
कथा व्यास आचार्य नीरज जोशी ने कथा के दौरान भक्त प्रह्लाद और भगवान नरसिंह अवतार की कथा का उल्लेख करते हुए बताया कि भगवान विष्णु ने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए नरसिंह अवतार धारण किया था। उन्होंने कहा कि पुरुषोत्तम मास में श्रीमद् भागवत कथा श्रवण, गंगा स्नान, भगवान विष्णु की आराधना, गीता पाठ और भजन-कीर्तन का विशेष महत्व है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा में पहुंचकर धर्म लाभ लेने और धार्मिक संस्कारों को जीवन में अपनाने की अपील की।
श्रद्धालु प्रकाश जोशी ने बताया कि कथा एवं कलश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।

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